Thursday, 13 April 2017

महम स्थित ‘ईश्वर सदन’ में पोशाक-निर्माण व्यावसायिक प्रशिक्षण का शुभारंभ

व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि महानिदेशक डॉ. जसफूल सिंह एवं संस्थान के प्रभारी निदेशक राजेश कश्यप
महम स्थित ‘ईश्वर सदन’ में पोशाक-निर्माण व्यावसायिक प्रशिक्षण का शुभारंभ

महम स्थित ‘ईश्वर सदन’ में पोशाक-निर्माण व्यावसायिक प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण का शुभारंभ मुख्य अतिथि हरियाणा नवयुवक कला संगम के महानिदेशक डॉ. जसफूल सिंह ने किया। इसके उपरांत उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को आशीर्वाद एवं बधाईयां देते हुए कहा कि वे पूरी लगन एवं निष्ठा के साथ प्रशिक्षण पूर्ण करें, क्योंकि प्रशिक्षण स्वरोजगार स्थापना में सफलता पाने की प्रथम सीढ़ी है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से आह्वान करते हुए कहा कि बेरोजगारी व बेकारी को जड़ से मिटाने के लिए स्वरोजगार की राह अपनाएं। स्वरोजगार से स्वालंबन व स्वाभिमान पैदा होता है। स्वरोजगार में सफलता प्राप्त करने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण लेना बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण उपरांत स्वरोजगार एवं स्वालंबन की राह में आने वाली चुनौतियों से भी अवगत करवाया और साथ ही उनसे निपटने के सुझाव भी दिए। 
प्रशिक्षणर्थियों के साथ मुख्य अतिथि महानिदेशक डॉ. जसफूल सिंह एवं संस्थान के प्रभारी निदेशक राजेश कश्यप
जन शिक्षण संस्थान के प्रभारी निदेशक राजेश कश्यप ने अपने सम्बोधन में कहा कि संस्थान का मूल उद्देश्य गरीब, जरूरतमन्द, अनपढ़, नवसाक्षर व अल्पशिक्षित युवतियों, महिलाओं एवं युवकों को रोजगारदायक व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। इसके बाद उन्हें स्वरोजगार स्थापित करने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और स्वावलंबी व आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए समुचित सहयोग व मार्गदर्शन दिया जाता है। सहायक कार्यक्रम अधिकारी प्रियन्का ने कहा कि संस्थान प्रशिक्षणार्थियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण के साथ ही उनके अन्दर छुपी हुई प्रतिभा को निखारने के भरपूर अवसर देता है। इसके साथ ही जीवन समृद्धात्मक शिक्षा पर भी जोर दिया जाता है। इसलिए, प्रशिक्षणार्थियों को संस्थान के कार्यक्रमों को अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। इस अवसर पर संस्थान के प्रभारी निदेशक राजेश कश्यप, कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र गिरधर, सहायक कार्यक्रम अधिकारी प्रियन्का, अनुदेशिका कंचन, अनिल कुमार, प्रदीप सिवाच, महेश, कमला आदि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। 


(राजेश कश्यप)
प्रभारी निदेशक
जन शिक्षण संस्थान, रोहतक।
मोबाईल नं. : 9416629889
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विश्व स्वास्थ्य दिवस पर ‘अवसाद’ थीम पर संगोष्ठि आयोजित

डॉ. जसफूल सिंह संगोष्ठि को सम्बोधित करते हुए
विश्व स्वास्थ्य दिवस पर ‘अवसाद’ थीम पर संगोष्ठि आयोजित

7 अप्रैल, महम।
विश्व स्वास्थ्य दिवस पर हरियाणा नवयुवक कला संगम एवं जन शिक्षण संस्थान, रोहतक के संयुक्त तत्वावधान में ‘अवसाद’ थीम पर संगोष्ठि आयोजित की गई। संगोष्ठि को संबोधित करते हुए संस्था के महानिदेशक डॉ. जसफूल सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य का दुश्मन है अवसाद। अवसाद एक धीमे जहर के समान है। उन्होंने कहा कि अवसाद के अनेक कारण हैं, जिनमें अज्ञानता, गलतफहमी, दिखावा, झूठ, फरेब, निन्दा, चोरी, ईष्र्या, द्वेष, क्रोध, महत्वाकांक्षा आदि शामिल हैं। डॉ. जसफूल सिंह ने आगे कहा कि हमें अपने अवसाद के कारण को पहचानकर उसे दूर करने की कोशिश करनी चाहिए। विपरीत परिस्थितियों के बीच धैर्य, शांति एवं समझदारी का परिचय देना चाहिए। डॉ. जसफूल सिंह ने आगे कहा कि हमें सदैव कोशिश करनी चाहिए कि जीवन में न किसी को तनाव दें और न लें।
जन शिक्षण संस्थान के प्रभारी निदेशक राजेश कश्यप ने कहा कि बेहद चिंता एवं विडम्बना का विषय है कि आज देश का हर चौथा किशोर तनाव यानी अवसाद का शिकार है। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया कि इस समय दक्षिण पूर्वी एशिया में 86 प्रतिशत लोग अवसाद का शिकार हैं। अवसाद ही 15-29 आयु वर्ग के युवाओं में आत्महत्या का सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने अवसाद से बचने के लिए आपसी मेलजोल बढ़ाने, एक-दूसरे के साथ सुख-दु:ख बांटने एवं संयुक्त परिवार की संस्कृति अपनाने की आवश्यकता है। श्री कश्यप ने आगे कहा कि पौष्टिक भोजन, नियमित योग, व्यायाम, मौसमी फल, सब्जियों का सेवन एवं मनोरंजन करके अवसाद से काफी हद तक बचा जा सकता है।
संगोष्ठि में ‘अवसाद’ थीम पर जन शिक्षण संस्थान के प्रशिक्षणार्थियों पूनम, कोमल, रीना, मंजू, सोनिया, साक्षी, काजल, मनीषा, सुमन, संतोष, आरती, बबीता, लक्ष्मी, सोनिया आदि ने भाग लिया और अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर संस्थान के कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र गिरधर, सहायक कार्यक्रम अधिकारी प्रियन्का, अनुदेशिका कंचन, अनिल कुमार, प्रदीप सिवाच, महेश, कमला आदि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। 
(राजेश कश्यप)
प्रभारी निदेशक
जन शिक्षण संस्थान, रोहतक।
मोबाईल नं.: 9416629889








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Thursday, 9 March 2017

धूमधाम से मनाया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस


धूमधाम से मनाया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
‘वर्तमान परिपेक्ष्य में महिलाओं की दशा और दिशा’ विषय पर विचार-संगोष्ठि का किया आयोजन
हरियाणा नवयुवक कला संगम एवं जन शिक्षण संस्थान, रोहतक के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर ‘वर्तमान परिपेक्ष्य में महिलाओं की दशा और दिशा’ विषय पर विचार-संगोष्ठि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के महानिदेशक डॉ. जसफूल सिंह ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में कहा कि देश व समाज के विकास में महिलाओं ने अहम योगदान दिया है। आज महिलाओं ने असीम साहस, संघर्ष, मेहनत और त्याग के बलबूते हर क्षेत्र में उल्लेखनीय स्थान हासिल कर चुकी हैं। समाजसेविका श्रीमती शन्कुतला चौधरी ने कहा कि बेटियां हमारी आन-बान और शान हैं। हमें कन्या-भू्रण हत्या के खिलाफ आवाज बुलन्द करनी होगी और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को धरातल पर उतारना होगा। संस्था के महासचिव डॉ. प्रवीण चौधरी ने कहा कि वेद-पुराणों में नारी की महिमा का अपार उल्लेख है। मनुस्मृति कहती है कि जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। इसलिए, हमें नारी का पूरा सम्मान करना चाहिए। इस अवसर पर जन शिक्षण संस्थान के प्रभारी निदेशक राजेश कश्यप ने कहा कि जिस देश व समाज की महिलाएं जितनी सशक्त होंती हैं, वह देश व समाज उतना ही अग्रणी एवं सशक्त होता है। संगोष्ठि में मनीषा, सुनीता, कोमल, रवीना, शालिनी, नीतू, पुष्पा आदि प्रशिक्षणार्थियों ने भी अपने विचार रखे। उत्कृष्ट विचार रखने वाली प्रशिक्षणार्थियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संस्था के प्रदीप सिवाच, राजकुमार, प्रियन्का, जितेन्द्र गिरधर आदि सभी पदाधिकारी उपस्थित थे।






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Sunday, 5 March 2017

करौंथा में प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित


करौंथा में प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित
प्रशिक्षण से कला एवं कौशलता में निपुणता आती है :  डॉ. जसफूल सिंह

जन शिक्षण संस्थान रोहतक द्वारा गाँव करौंथा में प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि हरियाणा नवयुवक कला संगम के महानिदेशक डॉ. जसफूल सिंह, विशिष्ट अतिथि समाजसेविका शकुन्तला चौधरी, संस्थान के प्रभारी निदेशक राजेश कश्यप ने सौन्दर्य संवद्र्धन (ब्यूटीकल्चर) प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरीत किए।  इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. जसफूल सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को बधाईयां और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वरोजगार आत्मनिर्भरता एवं स्वावलंबन का मूल आधार है और व्यवसायिक प्रशिक्षण स्वरोजगार स्थापना एवं उसकी सफलता का आधार बनता है। इसलिए, हमें स्वरोजगार स्थापना से पूर्व उस व्यवसाय का प्रशिक्षण अवश्य लेना चाहिए। प्रशिक्षण से कला एवं कौशलता में निपुणता आती है। उन्होंने कहा कि हर प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरांत अपना स्वरोजगार स्थापित करे और अपने जीवन में आत्मनिर्भरता एवं स्वावलम्बन का समावेश करें। विशिष्ट अतिथि शकुन्तला चौधरी ने प्रशिक्षणार्थियों को समबोधित करते हुए कहा कि कड़ी मेहनत, लगन एवं निष्ठा से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। सफल उद्यमी बनने के लिए धैर्य, ज्ञान और साहस जैसे गुणों का होना जरूरी है। इस अवसर पर जन शिक्षण संस्थान के प्रभारी निदेशक राजेश कश्यप ने प्रशिक्षणार्थियों को बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए स्वरोजगार स्थापित करने हेतु उचित मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि संस्थान  का मूल उद्देश्य गरीब, जरूरतमंद, निरक्षर, नवसाक्षर, अल्पशिक्षित युवक-युवतियों एवं महिलाओं को रोजगारप्रद व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन, मार्गदर्शन एवं समुचित सहयोग करना है। संस्थान की क्षेत्रीय प्रभारी प्रियन्का ने प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि संस्थान प्रशिक्षणार्थियों की  प्रतिभा को निरन्तर निखारने एवं कला में निपुणता लाने के लिए निरन्तर कार्यरत है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान आपने जो ज्ञान एवं कौशल हासिल किया है, उसे आत्मनिर्भर बनाने एवं स्वावलंबी बनाने में प्रयोग करें। इस अवसर अनुदेशिका रीतू के अलावा अन्य कई पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

















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Wednesday, 22 February 2017

निन्दाना में व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरीत


व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरीत

मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा पोषित जन शिक्षण संस्थान, रोहतक द्वारा गाँव निन्दाना की नेहरा चौपाल में प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि संस्थान के प्रभारी निदेशक राजेश कश्यप थे। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को सिलाई, बैग मेकिंग और ब्यूटीशियन आदि प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाण-पत्र वितरीत किए। राजेश कश्यप ने प्रशिक्षणार्थियों को बधाईयां और शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाएं और अपना स्वरोजगार स्थापित करके अपने जीवन को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से कौशलता में निखार आता है और स्वरोजगार स्थापना का आधार बनता है। स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता एवं स्वावलंबी जीवन जीने का सुनहरा मौका मिलता है। इस अवसर पर संस्थान की क्षेत्रीय प्रभारी प्रियन्का ने बताया कि वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी ऋण योजनाओं का भी जरूर लाभ उठाएं। स्वरोजगार स्थापना में संस्थान उनका समुचित सहयोग एवं मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के उपरांत व्यक्तिगत के साथ-साथ स्वयं सहायता समूह बनाकर भी सामूहिक तौरपर बड़े पैमाने पर व्यवसाय चलाया जा सकता है। प्रियन्का ने कहा कि प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण के उपरांत भी संस्थान के सम्पर्क में रहें, ताकि उन्हें मौजूदा लाभकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ मुहैया करवाने में मदद की जाती रहे। इस अवसर पर संस्थान के प्रभारी निदेशक राजेश कश्यप के अलावा क्षेत्रीय प्रभारी प्रियन्का, अनुदेशिका सुमन, मीना, सोनिया आदि उपस्थित रहीं।

संलग्न फोटो -

1. प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरीत करते हुए संस्थान के प्रभारी निदेशक राजेश कश्यप एवं क्षेत्रीय प्रभारी प्रियन्का।
2. प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले प्रशिक्षणार्थियों के साथ संस्थान के प्रभारी निदेशक राजेश कश्यप एवं क्षेत्रीय प्रभारी प्रियन्का।

























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